“विजयी भव:” (Be Victorious)

भारतीय सेना का इतिहास सदैव स्वर्णिम रहा है। ऐसा उत्साह, दिलेरी, वीरता, रणकौशल किसी और सेना में नहीं है। भारत की सेनाओं ने सदैव नए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। ऐसे वीर सैनिकों को नमन।
The history of the Indian Army has always been golden. No other army has such enthusiasm, courage, bravery, and tact. Indian armies have always set new records. Greetings to such brave soldiers.

अपने मन में
अपने तन में
नवऊर्जा का संचार करो,
कर कस कमर
रण में उतर
शत्रु का संहार करो,
बासठ पैंसठ
और इकहत्तर
तुमने ही जितवाया था,
चट्टानों के सीने पे चढ़
विजय दिवस मनवाया था,
लोमड़ पड़ोसी के घर घुस
स्ट्राइक करके आया था,
घाटी में गलवान की
बलवान का रूप दिखाया था,
अब आन पड़ा संकट भारी
चाल चीन की है सारी,
करने को अंतिम प्रहार
अब ब्रम्हास्त्र उठाना है,
चमगादड़िस्तानों की जड़ों को
धरा से ही मिटाना है।


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18 thoughts on ““विजयी भव:” (Be Victorious)

  1. बहुत बेहतरीन कविता…. स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें.. जय हिन्द !

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