प्रकाश Light

Happy Diwali

नहीं था जब कुछ भी यहां,
तिमिर – प्रकाश का जन्म हुआ,
तब से लेकर वर्तमान तक,
दोनों में संघर्ष हुआ,
तिमिर था फैला दूर दूर तक,
इसका अपना राज्य था,
नहीं था इसमें कुछ भी पनपा,
फिर प्रकाश विजयी हुआ,
सूर्य रश्मियां फैलीं जैसे ही,
नवजीवन का उदय हुआ,
छंटा तिमिर – प्रकाशित ब्राह्मण्ड,
प्रसन्नता का वास हुआ,
केवल एक दीप बहुत है,
इस दीवाली तिमिर मिटाने को,
प्रज्ज्वलित दीप हो बाहर भीतर,
खुशहाली को लाने को,
मिटे विकार – छंटे अंधकार,
है यही आस दीवाली को।