प्रेम गली Alley of Love

परम् सत्ता का कोई अलग घर नहीं है। उसके घर का रास्ता हमारे घर में ही है… आवश्यकता है तो उस गली, उस रास्ते को खोज निकालने की, जिसे सन्तों ने प्रेम का मार्ग बताया है। उसी प्रेम पथ पर अग्रसर होना ही हमारा भविष्य है।
There is no separate house of Almighty God . The way to his house is situated inside us….there is need to find that alley, that path, which is named by Saints “the path of love”. Walking on the same love path is our future.

ली तेरी मिली नही,
ढूंढती मैं थक गई,
करे जतन सारे मगर,
अंत में मैं रुक गई,
मान ली है हार मैने,
और न चल पाऊंगी,
ढूंढने तुझे बता,
अब किधर को जाऊंगी…

पगली रुक जा जरा,
मत दौड़ तू,
थम जा जरा,
न भाग तू इधर उधर,
गली गली शहर शहर,
ढूंढने से यूं मुझे,
ढूंढ न तू पाएगी,
ईंट पत्थरों के घर में,
बस भटकती जाएगी,
डुबकियां लगाएगी,
परिक्रमा को जाएगी,
घूम घूम फिर घूम के,
स्वयं को वहीं पे पाएगी,
जिस समय तू स्वयं से,
मित्रता कर पाएगी,
अपने ही संग में मुझे,
बैठा हुआ तू पाएगी,
नहीं गली मेरी कोई,
इस नगर या उस नगर,
अपनी गली में झांक ले,
मुझमें ही तू समाएगी।


Please follow http://www.keyofallsecret.com