“कपट”Flam




कुछ लोग अपने मन में दूसरे के लिए सदैव मैल रखते हैं और गाहे बगाहे उसे किसी न किसी तरह से दुख पंहुचाकर बहुत खुशी महसूस करते हैं। अगर इतना ही ध्यान वह अपने ऊपर दे दें तो खुद भी सुखी रहें दूसरे भी।
some people have poor nature for others and they feel happiness in other’s grief.They too can become happy like others, If they try to improve themselves.

मन भीतर है भरी कपट,
काम बिगाड़े बन लंपट,
कान भरे – भड़के – भड़काए,
अंतर भीषण अग्नि लपट,
मक्कारी में रहे लिपट,
स्वार्थ में अंधा रहे चिपट,
आए दिन करता खटपट,
दूजे का सुख रहा झपट,
सुन ले खोल के कान के पट,
छोड़ दे यह सब उठापटक,
कर ले मन की साफ सफाई,
नहीं तो तू जाएगा निपट,
इतनी जल्दी न तू निपट,
कर तौबा अब छोड़ कपट,
कर ले कुछ दुनिया की भलाई,
बस जा सबके दिल के निकट।


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