संकल्प शक्ति (Willpower)

कभी-कभी हमारे भीतर विचारों का अंतर्द्वंद चलता रहता है। पर यदि संकल्प शक्ति हो तो आसानी से मन पर विजय पाई जा सकती है।(Sometimes there is a conflict of thoughts within us.  But if you have the power to resolve, then the mind can easily be conquered.)


आज मन था कुछ गमगीन,
कवितायें लिख दीं तीन,
मन बुझा बुझा सा बोझिल था,
चिंता के जाल में उलझा था,
कलम ने उठ कुछ लिखना चाहा,
पर मन को यह सब न भाया,
उसे तो करनी मनमानी थी,
उसकी तो यह जन्मजात निशानी थी,
पर हिम्मत कर कलम बोली,
वैसे तो मेरी सांसें फूलीं,
तुझसे कौन जीत सका है,
हर कोई तो तुझसे थका है,
पर अब मैं तुझसे हार न मानूं,
मुझे झुका तो मैं जानूं,
तूं चाहता लिखूँ गम की गज़ल,
कर दूं सबकी आंखें सजल,
पर मेरी नहीं यह नीयत है,
मेरी हरी भरी तबीयत है,
डिस्चार्ज न मैं हो पाऊंगी,
कोरे कागज के सीने पे,
नित ऊर्जा भरती जाऊंगी।

last wishes key of all secret

अंतिम स्मृतियाँ (Last Memories)

यह एक पत्ते की छोटी सी कहानी है, जो अपने परिवार से बिछड़ कर धरा पर आन पड़ा है और अंतिम सांसे गिन रहा है। उसके नेत्रों  के सामने सारी यादें चलचित्र बनकर उभर रही हैं। उसका एक मार्मिक चित्रण इस छोटी सी कविता में समाहित है। यदि कविता अच्छी लगे तो कमेंट और शेयर कर दिजिए ,धन्यवाद।

(This is a short story of a leaf, who is separated from his family and lies on the earth and is counting the last breath.  All the memories are playing in front of his eyes as a movie.  A poignant portrayal of it is contained in this short poem. If the poem looks good, please comment and share, thanks)

अंतिम स्मृतियाँ (Last Memories)

यह टूटा हुआ पत्ता पूछे,
पहले मैं भी था हरा – हरा,
सारे पत्तों संग खेला करता,
मेरा भी था परिवार बड़ा,
जब बच्चों ने झूला डाला,
तब सावन का लगा पता,
पींग मारते झूले पे,
जब आते ऊपर बच्चे,
सचमुच कितना अच्छा लगता,
झूम उठते हम सब पत्ते,
सूख गया आयु पूरी कर,
लटक गया बूढ़ा बनके,
साथ मेरा सबने छोड़ा,
जोश जवानी में तनके,
फिर पत्ते की आंखें मूंदीं,
मन उतर गया गहरे तल में,
सांसें टूटीं छूटा दामन,
अंतिम हिचकी ली नश्वर ने l


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Regards, Jasvinder Singh, Himachal Pradesh